1. Posts tagged as: Katha

आसमाई के विषय में मान्यता है कि इनकी प्रसन्नता से जीवन की हर आशा पूरी होती है और अगर ये अप्रसन्न हो जाएं तो जीवन की सभी खुशियां व सुख नष्ट हो जाते हैं। इनकी प्रसन्नता के लिए महिलाएं विशेषकर पुत्रवती महिलाएं इनका व्रत रखती हैं. वैशाख, आषाढ, [...]

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पद्मिनी एकादशी (Padmini Ekadasi)  भगवान को अति प्रिय है । इस व्रत का विधि पूर्वक पालन करने वाला विष्णु लोक को जाता है । इस व्रत के पालन से व्यक्ति सभी प्रकार के यज्ञों, व्रतों एवं तपस्चर्या का फल प्राप्त कर लेता है। इस व्रत की कथा के अनुसार[...]

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अधिक मास में कृष्ण पक्ष में जो एकादशी आती है वह हरिवल्लभा अथवा परमा एकदशी के नाम से जानी जाती है ऐसा श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा है (additional months krishna paksha Parma Ekadashi). भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को इस व्रत की कथा व विधि भी बत[...]

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महाशिवरात्रि का व्रत फाल्गुन महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को रखा जाता है ( Falgun Krishna Paksha Chaturdashi tithi Mahashivratri)। शिवरात्रि न केवल व्रत है, बल्कि त्यहार और उत्सव भी है. इस दिन भगवान भोलेनाथ का कालेश्वर रूप प्रकट हुआ था.[...]

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होली की पूर्व संध्या में होलिका दहन किया जाता है. इसके पीछे एक प्राचीन कथा है कि दीति के पुत्र हिरण्यकश्यपु भगवान विष्णु से घोर शत्रुता रखता था . इसने अपनी शक्ति के घमंड में आकर स्वयं को ईश्वर कहना शुरू कर दिया और घोषणा कर दी कि राज्य में क[...]

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जगत के कल्याण हेतु जो लीलाधारी भगवान अनेकानेक अवतार लेते हैं इन्हीं भगवान विष्णु के तृतीय अवतार वराह की पूजा माघ शुक्ल द्वादशी के दिन की जाती है जो वराह द्वादशी के नाम से जानी जाती है (Magha Shukla Dwadashi vrat). वराह भगवान का यह व्रत सुख,[...]

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्रकृति से मानव का सम्बन्ध आदि काल से है. मनुष्य सृष्टि के प्रारम्भ से ही प्रकृति की उपासना करता आ रहा है. वृक्ष में देवताओं का वास मानकर वृक्ष की उपासना भी की जाती रही है. पीपल और आंवले के वृक्ष को देवतुल्य मानकर उनकी आराधाना की जाती रही है[...]

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विजया एकादशी अपने नामानुसार विजय प्रादन करने वाली है। भयंकर शत्रुओं से जब आप घिरे हों और पराजय सामने खड़ी हो उस विकट स्थिति में विजया नामक एकादशी आपको विजय दिलाने की क्षमता रखती है। प्राचीन काल में कई राजे महाराजे इस व्रत के प्रभाव से अपनी [...]

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माघ शुक्ल सप्तमी का व्रत सूर्य देवता को समर्पित है. सूर्य को शास्त्रों एवं पुराण में आरोग्यदायक कहा गया है. सूर्य की उपासना से रोग मुक्ति का जिक्र कई स्थानों पर आया है. इस व्रत को करने वालों के रोग ठीक हो जाते हैं. त्वचा सम्बन्धी रोग होने प[...]

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माघ शुक्ल षष्ठी तिथि का व्रत शीतला माता के नाम से किया जाता है। इस व्रत का पालन आमतर पर महिलाएं करती हैं। शीतला माता के व्रत का महात्मय है कि जो भी व्रत रखकर इनकी पूजा करता है वह दैहिक और दैविक ताप से मुक्त हो जाता है। यह व्रत पुत्र प्रदान [...]

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देवी एकादशी भगवान जनार्दन की शक्ति हैं. इस देवी को वरदान प्राप्त हैं कि जो भी इनका व्रत रखेगा उसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी और वह मोक्ष का भागी होगा. एकादशी का व्रत भगवान को अत्यंत प्रिय है. इससे पापी से पापी व्यक्ति का उद्धार हो जा[...]

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यह योग पर आधारित महाव्रत है (Magha masa Amavasya Mauni Amavasya). मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र संगम में देवताओं का निवास होता है इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है. इस मास को भी कार्तिक के समान पुण्य मास कहा गया है. गंगा तट पर इ[...]

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एकादशी व्रत (Ekadshi Vrat)  को शास्त्रों एवं पुराणों में काफी महत्व दिया गया है। यह व्रत जगपति जग्दीश्वर भगवान विष्णु और उनकी योगमाया को समर्पित है। जो व्यक्ति एकादशी का व्रत करते हैं उनका लकिक और पारलकिक जीवन संवर जाता है। यह व्रत रखने वाल[...]

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