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जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता । अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता । मैया जय सन्तोषी माता । सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हो, मैया माँ धारण कींहो हीरा पन्ना दमके तन शृंगार कीन्हो, मैया जय सन्तोषी माता । गेरू लाल छटा छबि बदन कमल सोहे, [...]

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जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥ एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी । पान चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा ॥

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जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी । बोलो जय अम्बे गौरी ॥ माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको बोलो जय अम्बे गौरी ॥

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आरती श्री रामायणजी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद । बालमीक बिग्यान बिसारद ॥ सुक सनकादि सेष और सारद । बरन पवन्सुत कीरति नीकी ॥

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ॐ जय शिव औंकारा, स्वामी हर शिव औंकारा । ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्धांगी धारा ॥ जय शिव औंकारा ॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे स्वामी पंचानन राजे । हंसासन गरुड़ासन वृष वाहन साजे ॥ जय शिव औंकारा ॥ दो भुज चारु चतुर्भुज दस भुज से सोहे स्वामी दस भुज [...]

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आरती कुँज बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में वैजन्ती माला, बजावे मुरली मधुर बाला, श्रवण में कुण्डल झलकाला, नन्द के नन्द, श्री आनन्द कन्द, मोहन ब„⣞ज चन्द राधिका रमण बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

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आरति कीजै हनुमान लला की . दुष्ट दलन रघुनाथ कला की .. जाके बल से गिरिवर काँपे रोग दोष जाके निकट न झाँके .अंजनि पुत्र महा बलदायी संतन के प्रभु सदा सहायी ..आरति कीजै हनुमान लला की .दे बीड़ा रघुनाथ पठाये लंका जाय सिया सुधि लाये .लंका स कोटि समुद[...]

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