1. Posts tagged as: Durga Pooja

अध्यात्मिक साधना के लिए जो लोग इच्छुक होते हैं वे लोग इन दिनों साधना रत रहते है.ग्रहों से पीड़ित व्यक्ति इन दस दिनों में ग्रह शांति भी कर सकते हैं यह इसके लिए उत्तम समय होता है.

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देवी दुर्गा के न रूपों में महागरी आठवीं हैं. दुर्गा सप्तशती (Durga Saptsati) में शुभ निशुम्भ से पराजित होकर गंगा के तट पर जिस देवी की प्रार्थना देवतागण कर रहे थे वह महागरी हैं. देवी गरी के अंश से ही कशिकी का जन्म हुआ जिसने  शुम्भ निशुम्भ के[...]

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मधु कैटभ नामक महापराक्रमी असुर से जीवन की रक्षा हेतु भगवान विष्णु को निद्रा से जगाने के लिए ब्रह्मा जी ने इसी मंत्र से मां की स्तुति की थी. यह देवी कालरात्रि ही महामाया हैं और भग्वान विष्णु की योगनिद्रा हैं. इन्होंने ही सृष्टि को एक एक दूसर[...]

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भगवान स्कन्द की माता होने के कारण देवी स्कन्द माता के नाम से जानी जाती हैं. दुर्गा पूजा के पांचवे दिन देवताओं के सेनापति कुमार कार्तिकेय की माता की पूजा होती है. कुमार कार्तिकेय को ग्रंथों में सनतकुमार, स्कन्द कुमार के नाम से पुकारा गया है.[...]

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पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकै र्युता. प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता.. यह देवी चन्द्रघंटा का ध्यान मंत्र है. दुर्गा पूजा के तीसरे दिन आदिशक्ति दुर्गा के तीसरे रूप की पूजा होती है. मां का तीसरा रूप चन्द्रघंटा का है. देवी चन्द[...]

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देवी ब्रह्मचारिणी ( Devi Brahmachariani) का स्वरूप उनके नामनुसार ही तपस्विनी जैसा है. माता के इस रूप एवं उनकी भक्ति के मार्ग पर जब हम आगे बढ़ रहे हैं तो आइये मईया की महिमा का गुणगान करें.

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किसी भी रूप में देखा जाय तो यह हिन्दु समाज का एक महत्वपूर्ण त्यहार है जिसका धार्मिक, अध्यात्मिक, नैतिक व सांसारिक इन चारों ही दृष्टिकोण से काफी महत्व है. भक्त जन इस अवसर पर माता दुर्गा के न रूपों की पूजा करते हैं अत:इसे नवरात्रा के नाम भी ज[...]

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