Arti Amba Gauri – अम्बे गौरी की आरती

December 17, 2008

  जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरीतुम को निस दिन ध्यावतमैयाजी को निस दिन ध्यावतहरि ब्रह्मा शिवजी ।बोलो जय अम्बे गौरी ॥ माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद कोउज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीकोबोलो जय अम्बे गौरी ॥ कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजेरक्त पुष्प गले माला कण्ठ हार साजेबोलो जय अम्बे गौरी ॥ केहरि [...]

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Ramayan ji ki Arti – आरती श्री रामायणजी की ।

December 17, 2008

  आरती श्री रामायणजी की ।कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद ।बालमीक बिग्यान बिसारद ॥सुक सनकादि सेष और सारद ।बरन पवन्सुत कीरति नीकी ॥ गावत बेद पुरान अष्टदस ।छओं सास्त्र सब ग्रंथन को रस ॥मुनि जन धन संतन को सरबस ।सार अंस सम्म्मत सब ही की ॥ गावत संतत संभु [...]

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Arti Shiv Shankar – शिव शंकर जी की आरती

December 17, 2008

  ॐ जय शिव औंकारा, स्वामी हर शिव औंकारा ।ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्धांगी धारा ॥जय शिव औंकारा ॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजेस्वामी पंचानन राजे ।हंसासन गरुड़ासन वृष वाहन साजे ॥जय शिव औंकारा ॥ दो भुज चारु चतुर्भुज दस भुज से सोहे स्वामी दस भुज से सोहे ।तीनों रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥जय शिव औंकारा [...]

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Arti – Krishna Kunjvihari – आरती कुँज बिहारी की

December 17, 2008

  आरती कुँज बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में वैजन्ती माला, बजावे मुरली मधुर बाला, श्रवण में कुण्डल झलकाला, नन्द के नन्द, श्री आनन्द कन्द, मोहन ब„⣞ज चन्दराधिका रमण बिहारी कीश्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गगन सम अंग कान्ति काली, राधिका चमक रही आली, लसन में ठाड़े वनमाली, भ्रमर सी [...]

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Hanuman Ji ki Arti – हनुमान जी की आरती

December 17, 2008

  आरति कीजै हनुमान लला की .दुष्ट दलन रघुनाथ कला की .. जाके बल से गिरिवर काँपेरोग दोष जाके निकट न झाँके .अंजनि पुत्र महा बलदायीसंतन के प्रभु सदा सहायी ..आरति कीजै हनुमान लला की . दे बीड़ा रघुनाथ पठायेलंका जाय सिया सुधि लाये .लंका स कोटि समुद्र सी खाईजात पवनसुत बार न लाई ..आरति [...]

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Aarti – Om Jai Jagadish Hare

December 17, 2008

  ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरेभक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे ||  जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का स्वामी दुख बिनसे मन कासुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ||ॐ जय जगदीश हरे || मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी स्वामी [...]

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Lakshmi arti Laxmi jI ki Aarti – लक्ष्मी जी की आरती

December 16, 2008

ॐ जय लक्ष्मी माता,  मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही हो जग-माता । सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ॐ जय लक्ष्मी माता ॥ दुर्गा रुप निरंजनि, सुख-सम्पत्ति दाता । जो को‌ई तुमको ध्यावत, ऋद्घि-सिद्घि धन पाता ॥ॐ जय लक्ष्मी माता ॥ तुम पाताल [...]

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Asamai vrat katha (आसमाई व्रत कथा)

November 6, 2008

आसमाई व्रत का महात्मय (Asamai Vrat mahatamya) आसमाई के विषय में मान्यता है कि इनकी प्रसन्नता से जीवन की हर आशा पूरी होती है और अगर ये अप्रसन्न हो जाएं तो जीवन की सभी खुशियां व सुख नष्ट हो जाते हैं। इनकी प्रसन्नता के लिए महिलाएं विशेषकर पुत्रवती महिलाएं इनका व्रत रखती हैं. वैशाख, आषाढ, [...]

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सत्यनारायण व्रत एवं पूजा विधि और कथा (The story of Satyanaran Vrat and pooja procedure)

November 6, 2008

भगवान सत्यनारायण विष्णु के ही रूप हैं (God Satyanarayan is an incarnation of God Vishnu)। कथा के अनुसार इन्द्र का दर्प भंग करने के लिए विष्णु जी ने नर और नारायण के रूप में बद्रीनाथ में तपस्या किया था वही नारायण सत्य को धारण करते हैं अत: सत्य नारायण कहे जाते हैं। इनकी पूजा में [...]

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पद्मिनी एकादशी व्रत कथा महात्मय (Padmini Ekadashi Vrat Katha)

November 6, 2008

पद्मिनी एकादशी (Padmini Ekadasi)  भगवान को अति प्रिय है । इस व्रत का विधि पूर्वक पालन करने वाला विष्णु लोक को जाता है । इस व्रत के पालन से व्यक्ति सभी प्रकार के यज्ञों, व्रतों एवं तपस्चर्या का फल प्राप्त कर लेता है। इस व्रत की कथा के अनुसार: श्री कृष्ण कहते हैं त्रेता युग [...]

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