वामन जयन्ती व्रतोपवास (Vaman Jayanti Vrat)

by Acharya Shashikant on December 24, 2008 · 2 comments

in Festivals

वामन अवतार (Vaman Avtar)

पुराणों में लिखा है कि देव माता अदिति ने विष्णु जी की तपस्या की। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें वरदान दिया कि वे अदिति के पुत्र के रूप में जन्म लेकर देवताओं को राजा बलि के भय से मुक्ति प्रदान करेंगे। इसी वरदान को पूरा करने के लिए भगवान अदिति के घर भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी के दिन अदिति के घर वामन रूप में जन्म लिये।

जन्म के कुछ ही समय में भगवान बालक से युवा हो गये। इस समय राजा बलि यज्ञ कर रहे थे। भगवान वामन यज्ञ स्थल पर पहुंचकर राजा बलि से बोले कि उन्हे दान स्वरूप तीन पग भूमि चाहिए। राजा बलि ने भगवान की मांग को स्वीकार करते हुए उनसे कहा कि आप जहां चाहें वहां तीन पग भूमि ले लें। बलि के इतना कहने पर भगवान ने विराट रूप धारण किया और दो पग में ही धरती और आकाश को नाप लिया। इसके बाद तीसरे पग में राजा बलि को पाताल भेजकर भगवान ने देवताओं को भय से मुक्ति दिलायी।

बलि के पाताल जाने के बाद ऋषि मुनियों एवं देवताओं ने भगवान की पूजा एवं स्तुति की। परम्परागत रूप से उस दिन से ही वामन की पूजा चली आ रही है। इस दिन श्रद्धालु भक्त स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करते हैं इसके बाद वामन भगवान की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओ के अनुसार अगर इस दिन श्रावण नक्षत्र हो तो इस व्रत की महत्ता और भी बढ़ जाती है। भक्तों को इस दिन उपवास करके वामन भगवान की स्वर्ण प्रतिमा बनवाकर पंचोपचार सहित उनकी पूजा करनी चाहिए.

जो भक्ति श्रद्धा एवं भक्ति पूर्वक वामन भगवान की पूजा करते हैं वामन भगवान उनको सभी कष्टों से उसी प्रकार मुक्ति दिलाते हैं जैसे उन्होंने देवताओं को राजा बलि के कष्ट से मुक्त किया था।

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Naveen Bhatt September 9, 2011 at 8:34 am

Really I am very much relax with this Katha, Today my fast but I don’t know about VAMAN ji, recently I joined Vallabh Sampradaya, so Panditji said me why not you keep Vaman Jayanti fast.
I always keep both Ekadasi fast.
I pray to lord Vaman meri and mere parivar and mere milne walon ki sabhi ichchoyn ki purti karein aage bhi mein prayer karta rahunga.
Shri Krishnaya namah!!!

Agar aapke paas related kuch bhi ho please mujhe mere mail per forward karien.

Jai Shri Krishna

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bxxjrnrek January 9, 2012 at 5:48 pm
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