Pongal festival (पोंगल त्यहार)

by Acharya Shashikant on October 25, 2008 · 20 comments

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कृषि पर आधारित पर्व पोगल (Harvest festival Pongal)

पोंगल का त्यहार कृषि एवं फसल से सम्बन्धित देवताओं को समर्पित है (Pongal is dedicated to the god of harvest). इस त्यहार का नाम पोंगल इसलिए है क्योंकि इस दिन सूर्य देव को जो प्रसाद अर्पित किया जाता है वह पोगल कहलता है. तमिल भाषा में पोंगल का एक अन्य अर्थ निकलता है अच्छी तरह उबालना. दोनों ही रूप में देखा जाए तो बात निकल कर यह आती है कि अच्छी तरह उबाल कर सूर्य देवता को प्रसाद भोग लगाना.पोंगल का महत्व इसलिए भी है क्योकि यह तमिल महीने की पहली तारीख को आरम्भ होता है (Tamil panchang first day). इस पर्व के महत्व का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि यह चार दिनों तक चलता है. हर दिन के पोंगल का अलग अलग नाम होता है. यह 13 जनवरी से शुरू होता है.

भोगी पोंगल (Bhogi pongal):

पहली पोंगल को भोगी पोंगल कहते हैं जो देवराज इन्द्र का समर्पित हैं (Bhogi pongal ). इसे भोगी पोंगल इसलिए कहते हैं क्योंकि देवराज इन्द्र भोग विलास में मस्त रहने वाले देवता माने जाते हैं. इस दिन संध्या समय में लोग अपने अपने घर से पुराने वस्त्र, कूड़े आदि लाकर एक जगह इकट्ठा करते हैं और उसे जलाते हैं. यह ईश्वर के प्रति सम्मान एवं बुराईयों के अंत की भावना को दर्शाता है. इस अग्नि के इर्द गिर्द युवा रात भर भोगी कोट्टम (Bhogi Kottam) बजाते हैं जो भैस की सिंग का बना एक प्रकार का ढ़ोल होता है.

सूर्य पोंगल (Surya Pongal):

दूसरी पोंगल को सूर्य पोंगल कहते हैं. यह भगवान सूर्य को निवेदित होता है. इस दिन पोंगल नामक एक विशेष प्रकार की खीर बनाई जाती है जो मिट्टी के बर्तन में नये धान से तैयार चावल, मूंग दाल और गुड से बनती है. पोंगल तैयार होने के बाद सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है और उन्हें प्रसाद रूप में यह पोंगल व गन्ना अर्पण किया जाता है और फसल देने के लिए कृतज्ञता व्यक्त की जाती है.

मट्टू पोंगल (Mattu Pongal):

तीसरे पोंगल को मट्टू पोगल कहा जाता है. तमिल मान्यताओं के अनुसार मट्टू भगवान शंकर का बैल है जिसे एक भूल के कारण भगवान शंकर ने पृथ्वी पर रहकर मानव के लिए अन्न पैदा करने के लिए कहा और तब से पृथ्वी पर रहकर कृषि कार्य में मानव की सहायता कर रहा है. इस दिन किसान अपने बैलों को स्नान कराते हैं, उनके सिंगों में तेल लगाते हैं एवं अन्य प्रकार से बैलों को सजाते है. बालों को सजाने के बाद उनकी पूजा की जाती है. बैल के साथ ही इस दिन गाय और बछड़ों की भी पूजा की जाती है. कही कहीं लोग इसे केनू पोंगल के नाम से भी जानते हैं जिसमें बहनें अपने भाईयों की खुशहाली के लिए पूजा करती है और भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं.

कन्या पोंगल (Kanya Pongal):

चार दिनों के इस त्यहार के अंतिम दिन कन्या पोंगल मनाया जाता है जिसे तिरूवल्लूर के नाम से भी लोग पुकारते हैं. इस दिन घर को सजाया जाता है. आम के पलल्व और नारियल के पत्ते से दरवाजे पर तोरण बनाया जाता है. महिलाएं इस दिन घर के मुख्य द्वारा पर कोलम यानी रंगोली बनाती हैं. इस दिन पोंगल बहुत ही धूम धाम के साथ मनाया जाता है, लोग नये वस्त्र पहनते है और दूसरे के यहां पोंगल और मिठाई वयना के तर पर भेजते हैं. इस पोंगल के दिन ही बैलों की लड़ाई होती है जो काफी प्रसिद्ध है. रात्रि के समय लोग सामुहिक भोज का आयोजन करते हैं और एक दूसरे को मंगलमय वर्ष की शुभकामना देते हैं.

{ 20 comments… read them below or add one }

varsha December 18, 2010 at 7:58 am

its so gud that it will help me in my hindi project

yupieeeeeeeeeeeeeeeee

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ALANKRIT DHAWAN September 15, 2011 at 4:09 pm

thanks ,this is vry hlpful for my mom to complt projct for me .

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dihi December 27, 2011 at 1:11 pm

yipee!!!!!!thnx lord,,
by dis sie my sis can complete my project for me!!!!!!
woww..
feeling glad!!

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P.MADHU CHANDRA January 15, 2012 at 5:13 am

IT IS VERY INTERESTING AND I COULD COMPLETE MY HINDI PROJECT

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shivani sharma March 19, 2012 at 1:22 pm

i am very happy

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Chetanya shivakumar June 28, 2012 at 4:20 pm

it is very hipful for my school uses

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subhankar August 11, 2012 at 4:32 pm

helpful for my hindi project

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srini August 26, 2012 at 1:48 pm

really useful to make my daughter project for Pongal in Hindi …Thx a ton !!!

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manideep sai January 29, 2013 at 3:19 am

very nice

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Alden frenandes February 7, 2013 at 12:20 pm

it will help me in my hindi project

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nisha June 6, 2013 at 6:45 am

it is so nice……….
it will help me in my project…… wow it will be easier 4 me to do my project……………..

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vaibhav kulkarni June 15, 2013 at 6:22 am

this is very helpful for me to complete my Hindi work . thanks a lot

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vaibhav kulkarni June 15, 2013 at 6:23 am

thanks a lot ! this is very helpful for me to complete my Hindi work …………

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Dhruva rko July 28, 2013 at 2:52 pm

It helped me in my Hindi project

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pushpinder August 24, 2013 at 6:03 am

hello,
plz send the detail of pongle
thanks.

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vaishali October 19, 2013 at 9:53 am

It is really helpful for Hindi holiday homework.

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vayun makwana November 15, 2013 at 10:05 am

this helped me alot in my hindhi project

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Himanshu January 4, 2014 at 2:53 pm

Thanks 4 helping me

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mansi January 5, 2014 at 12:46 pm

thanks ,this will help me in my hindi project

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harivansh sharma January 10, 2014 at 11:33 am

pongal festival essay In hindi

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