1. Category archives for: Festivals

होली का त्यहार भारतवर्ष में अति प्रचीन काल से मनाया जाता आ रहा है. इतिहास की दृष्टि से देखें तो यह वैदिक काल से मनाया जाता आ रहा है. हिन्दु मास के अनुसार होली के दिन से नये संवत् की शुरूआत होती है. चैत्र कृष्ण प्रतिपदा के दिन धरती पर प्रथम [...]

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महाशिवरात्रि का व्रत फाल्गुन महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को रखा जाता है ( Falgun Krishna Paksha Chaturdashi tithi Mahashivratri)। शिवरात्रि न केवल व्रत है, बल्कि त्यहार और उत्सव भी है. इस दिन भगवान भोलेनाथ का कालेश्वर रूप प्रकट हुआ था.[...]

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होली की पूर्व संध्या में होलिका दहन किया जाता है. इसके पीछे एक प्राचीन कथा है कि दीति के पुत्र हिरण्यकश्यपु भगवान विष्णु से घोर शत्रुता रखता था . इसने अपनी शक्ति के घमंड में आकर स्वयं को ईश्वर कहना शुरू कर दिया और घोषणा कर दी कि राज्य में क[...]

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जगत के कल्याण हेतु जो लीलाधारी भगवान अनेकानेक अवतार लेते हैं इन्हीं भगवान विष्णु के तृतीय अवतार वराह की पूजा माघ शुक्ल द्वादशी के दिन की जाती है जो वराह द्वादशी के नाम से जानी जाती है (Magha Shukla Dwadashi vrat). वराह भगवान का यह व्रत सुख,[...]

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माघी पूर्णिमा के विषय में यह भी कहा गया है कि जो व्यक्ति तारों के छुपने के बाद स्नान करते हैं उन्हें मध्यम फल की प्राप्ति होती है तथा जो सूर्योदय के पश्चात स्नान करते हैं वह माघ स्नान के उत्तम फल से वंचित रह जाते हैं अत: इस तिथि को शास्त्रा[...]

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्रकृति से मानव का सम्बन्ध आदि काल से है. मनुष्य सृष्टि के प्रारम्भ से ही प्रकृति की उपासना करता आ रहा है. वृक्ष में देवताओं का वास मानकर वृक्ष की उपासना भी की जाती रही है. पीपल और आंवले के वृक्ष को देवतुल्य मानकर उनकी आराधाना की जाती रही है[...]

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विजया एकादशी अपने नामानुसार विजय प्रादन करने वाली है। भयंकर शत्रुओं से जब आप घिरे हों और पराजय सामने खड़ी हो उस विकट स्थिति में विजया नामक एकादशी आपको विजय दिलाने की क्षमता रखती है। प्राचीन काल में कई राजे महाराजे इस व्रत के प्रभाव से अपनी [...]

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माघ शुक्ल सप्तमी का व्रत सूर्य देवता को समर्पित है. सूर्य को शास्त्रों एवं पुराण में आरोग्यदायक कहा गया है. सूर्य की उपासना से रोग मुक्ति का जिक्र कई स्थानों पर आया है. इस व्रत को करने वालों के रोग ठीक हो जाते हैं. त्वचा सम्बन्धी रोग होने प[...]

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माघ शुक्ल षष्ठी तिथि का व्रत शीतला माता के नाम से किया जाता है। इस व्रत का पालन आमतर पर महिलाएं करती हैं। शीतला माता के व्रत का महात्मय है कि जो भी व्रत रखकर इनकी पूजा करता है वह दैहिक और दैविक ताप से मुक्त हो जाता है। यह व्रत पुत्र प्रदान [...]

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शास्त्रों में बताया गया है कि माघ शुक्ल पंचमी के दिन ज्ञान और विद्या की देवी माता सरस्वती का जन्म हुआ है। छात्रगण इसी उपलक्ष्य में इस दिन माता रस्तवती की पूजा (Saraswati Pooja) करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शिक्षा मुहूर्त के लिए यह दि[...]

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पोंगल का त्यहार कृषि एवं फसल से सम्बन्धित देवताओं को समर्पित है (Pongal is dedicated to the god of harvest). इस त्यहार का नाम पोंगल इसलिए है क्योंकि इस दिन सूर्य देव को जो प्रसाद अर्पित किया जाता है वह पोगल कहलता है. तमिल भाषा में पोंगल का [...]

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मकर संक्रति का त्यहार भारत और उसके पड़ोसी देश नेपाल में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मानाया जाता है। भारत के विभिन्न प्रांतों में यह अलग अलग नाम और परम्परा के अनुसार मनाया जाता है। कहीं इसे मंकर संक्राति कहते हैं तो पंजाब हरियाणा में लोहरी (Pu[...]

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देवी एकादशी भगवान जनार्दन की शक्ति हैं. इस देवी को वरदान प्राप्त हैं कि जो भी इनका व्रत रखेगा उसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी और वह मोक्ष का भागी होगा. एकादशी का व्रत भगवान को अत्यंत प्रिय है. इससे पापी से पापी व्यक्ति का उद्धार हो जा[...]

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