सफला एकादशी का व्रत अपने नामानुसार मनोनुकूल फल प्रदान करने वाला है. भगवान श्री कृष्ण इस व्रत की बड़ी महिमा बताते हैं. इस एकादशी के व्रत से व्यक्तित को जीवन में उत्तम फल क[...]

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मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि को महिलाएं अति उत्तम मानती हैं. यह तिथि गरी तपोव्रत के नाम से जानी जाती है. इस दिन महिलाएं अन्न जल का त्याग कर व्रत करती हैं. कुमारी कन्याएं योग्[...]

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गीता के अनुसार अन्य सभी लोक में मर कर गया हुआ प्राणी पुन: गर्भ में आता है लेकिन जो विष्णु लोक (Vishnu lok) में जाता है वह जीवन चक्र के फेर से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करत[...]

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उत्पन्ना एकादशी विशेष पुण्यदायिनी है। इस एकादशी का व्रत मनुष्य को भोग और मोक्ष प्रदान करना वाला है। इस एकादशी व्रत से भगवान विष्णु और उनकी शक्ति दोनों ही प्रसन्न होती हैं[...]

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यह परम सत्य है कि जो प्राणी इस धरती पर जन्म लेता है उसकी मृत्यु होती है अत: इसे मृत्युलोक कहा गया है. मृत्युलोक में जब प्राण छूटता है तब जीव को अपने कर्मों के अनुरूप विभि[...]

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मार्गशीर्ष कृष्ष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को भगवान भोले नाथ भैरव रूप में प्रकट हुए थे. कालाष्टमी का व्रत इसी उपलक्ष्य में इस तिथि को किया जाता है. आदि देव महादेव ने यह रूप किस [...]

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्रीमद् भगवतद् पुराण के अनुसार श्री हरि विष्णु ही सृष्टि के आदि कर्ता हैं. इन्हीं की प्रेरणा से ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की और शिव जी संहार कर रहे हैं. स्वयं भगवान विष[...]

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कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा(KartikTripuri Poornima) के नाम से भी जाना जाता है. इस पुर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा की संज्ञा इसलिए दी गई है क्योंकि कार्तिक पूर्णिम[...]

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भारत को देव की भूमि कहा गया है. भारतीय दर्शन और अध्यात्म विश्व के लिए रहस्यात्मक विषय रहा है. यहां के मनुष्यों का सीधा सम्बन्ध देवताओं से रहा है. हमारे प्राचीन ऋषि मुनियो[...]

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भगवान सूर्य जिन्हें आदित्य भी कहा जाता है वास्तव एक मात्र प्रत्यक्ष देवता हैं. इनकी रोशनी से ही प्रकृति में जीवन चक्र चलता है. इनकी किरणों से ही धरती में प्राण का संचार ह[...]

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