माघ शुक्ल षष्ठी तिथि का व्रत शीतला माता के नाम से किया जाता है। इस व्रत का पालन आमतर पर महिलाएं करती हैं। शीतला माता के व्रत का महात्मय है कि जो भी व्रत रखकर इनकी पूजा कर[...]

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शास्त्रों में बताया गया है कि माघ शुक्ल पंचमी के दिन ज्ञान और विद्या की देवी माता सरस्वती का जन्म हुआ है। छात्रगण इसी उपलक्ष्य में इस दिन माता रस्तवती की पूजा (Saraswati [...]

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पोंगल का त्यहार कृषि एवं फसल से सम्बन्धित देवताओं को समर्पित है (Pongal is dedicated to the god of harvest). इस त्यहार का नाम पोंगल इसलिए है क्योंकि इस दिन सूर्य देव को ज[...]

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मकर संक्रति का त्यहार भारत और उसके पड़ोसी देश नेपाल में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मानाया जाता है। भारत के विभिन्न प्रांतों में यह अलग अलग नाम और परम्परा के अनुसार मनाया ज[...]

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देवी एकादशी भगवान जनार्दन की शक्ति हैं. इस देवी को वरदान प्राप्त हैं कि जो भी इनका व्रत रखेगा उसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी और वह मोक्ष का भागी होगा. एकादशी का व्[...]

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यह योग पर आधारित महाव्रत है (Magha masa Amavasya Mauni Amavasya). मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र संगम में देवताओं का निवास होता है इसलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत[...]

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एकादशी व्रत (Ekadshi Vrat)  को शास्त्रों एवं पुराणों में काफी महत्व दिया गया है। यह व्रत जगपति जग्दीश्वर भगवान विष्णु और उनकी योगमाया को समर्पित है। जो व्यक्ति एकादशी का [...]

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सूर्य भगवान आदि देव हैं अत: इन्हें आदित्य कहते हैं इसके अलावा अदिति के पुत्र के रूप में जन्म लेने के कारण भी इन्हें इस नाम से जाना जाता है। सूर्य के कई नाम हैं जिनमें मार[...]

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संकष्टहर चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा का विधान है. गणपति मंगलकारी और शुभ लाभ देने वाले हैं. इनकी पूजा से भक्तों के संकट और कष्ट समाप्त हो जाते हैं विशेषकर जो माघ कृष्ण [...]

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देवी रूक्मिणी का जन्म अष्टमी तिथि को कृष्ण पक्ष में हुआ था और श्री कृष्ण का जन्म भी कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को हुआ था व देवी राधा वह भी अष्टमी तिथि को अवतरित हुई थी. र[...]

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