शत अपराध शमन व्रत (Shat Apradh Shaman Vrata)



हम मनुष्य कर्मों से बंधे हुए हैं। अपने कर्म के अनुसार हमें उसका फल भी भोगना होता है। अच्छे कर्म का अच्छा फल मिलता है और अपराध के लिए दंड भी मिलता है। हमसे जाने अनजाने अपराध भी हो जाता। ईश्वर अपनी संतान का अपराध क्षमा करने देता है जब उसकी संतान अपराध मुक्ति के लिए प्रार्थना करता है एवं अपराध शमन के लिए व्रत करता है।

अपराध शमन व्रत (Shat Apradh Shaman Vrata) महात्मय

शत अपराध शमन व्रत मार्गशीर्ष मास में द्वाद्वशी के दिन शुरू होता है। इस तिथि से प्रत्येक द्वादशी के दिन इस व्रत को करने का विधान है। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति जाने अनजाने शत अपराध करता है उस अपराध का शमन होता है और व्यक्ति अपराध मुक्त हो कर मृत्यु के पश्चात ईश्वर के समझ पहुंचता है जिससे सुख और उत्तम गति को प्राप्त होता है। ब्रह्मा जी ने इस व्रत के महत्व के विषय में कहा है कि यह व्रत अनंत व इच्छित फल देने वाला है। यह व्रत करने वाला स्वस्थ एवं विद्वान होता है और वह धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का भागी होता है।

अपराध मुक्ति व्रत कथा - Shat Apradh Shaman Vrata Katha

एक समय की बात है राजा इक्ष्वाकु ने परम श्रद्धेय महर्षि वशिष्ठ जी से प्रश्न किया "हे गुरूदेव! हम लाख चाहने के बावजूद जाने अनजाने अपने जीवन में शताधिक पापकर्म तो अपने सम्पूर्ण जीवन में कर ही लेते हैं। इन अपराधों के कारण मृत्योपरांत हमें और फिर हमारे वंशजों के लिए दु:ख का कारण होता है। हे महाप्रभो! क्या कोई ऐसा व्रत है जिसको करने से सभी प्रकार के पाप मिट जाएं और हमें महाफल की प्राप्ति हो। राज की बातों को सुनकर महर्षि वशिष्ठ ने कहा, हे राजन्! एक व्रत ऐसा है जिसको विधि पूर्वक करने से शताधिक पापों का शमन होता है।

महर्षि ने राजा को शत अपराध बताते हुए कहा कि हे राजन्! शास्त्रों में जो शत अपराध बताये गये हैं उनके अनुसार चारों आश्रमों में अनासक्ति, नास्तिकता, हवन कर्म का परित्याग, अशच, निर्दयता, लोभवृत्ति, ब्रह्मचर्य का पालन न करना, व्रत का पालन न करना, अन्न दान और आशीष न देना, अमंगल कार्य करना, हिंसा, चोरी, असत्यवादिता, इन्द्रियपरायणता, क्रोध, द्वेष, ईर्ष्या, घमंड, प्रमाद, किसी को दु:ख पहुंचने वाली बात कहना, शठता, इन्द्रियपरायणता, क्रोध, द्वेष, क्षमाहीनता, कष्ट देना, प्रपंच, वेदों की निंदा करना, नास्तिकता को बढ़ावा देना, माता को कष्ट देना, पुत्र एवं अपने आश्रितों के प्रति कर्तव्य का पालन न करना, अपूज्य की पूजा करना, जप में अविश्वास, पंच यज्ञ का पालन न करना, संध्या-हवन-तर्पण नहीं करना, ऋतुहीन स्त्री से संसर्ग करना, पर्व आदि में स्त्री संग सहवास करना, परायी स्त्री के प्रति आसक्त होना, वेश्यागमन करना, पिशुनता, अंत्यजसंग, अपात्र को दान देना, माता-पिता की सेवा न करना, पुराणों का अनादर करना, मांस मदिरा का सेवन करना, अकारण किसी से लड़ना, बिना विचारे काम करना, सत्री से द्रोह रखना, कई पत्नी रखना, मन पर काबू न रखना, शास्त्र का पालन न करना, लिया गया धन वापस न करना, गुरू द्वारा दिये गये ज्ञान को भूलना, पत्नी अथवा पुत्र और पुत्री को बेचना, बिलों में पानी डालना, जल क्षेत्र को दूषित करना, वृक्ष काटना, भीख मांगना, स्ववृत्ति का त्याग करना, विद्या बेचना, कुसंगति, गो-वध, स्त्री-हत्या, मित्र-हत्या, भ्रूणहत्या, दूसरे के अन्न मांग कर गुजर करना, विधि का पालन न करना, कर्म से रहित होना, विद्वान का याचक होना, वाचालता, प्रतिग्रह लेना, संस्कार हीनता, स्वर्ण चोरी करना, ब्रह्मण का अपमान और हत्या करना, गुरू पत्नी से संसर्ग करना, पापियों से सम्बन्ध रखना, कमजोर और मजबूरों की मदद न करना ये सभी शत अपराध के कहे गये हैं।

महर्षि वशिष्ठ ने कहा हे महाबाहो ईक्ष्वाकु इन अपराधो से मुक्ति के लिए भगवान सत्यदेव की पूजा करनी चाहिए। भगवान सत्यदेव अपनी प्रिया लक्ष्मी के साथ सत्यरूप व्रज पर शोभायमान हैं। इनके पूर्व में वामदेव, दक्षिण में नृसिंह, पश्चिम में कपिल, उदर में वराह एवं उरू स्थान में अच्युत भगवान स्थित हैं जो अपने भक्तों का सदैव कल्याण करते हैं। शंख, चक्र, गदा व पद्म से युक्त भगवान सत्यदेव जिनकी जया, विजया, जयंती, पापनाशिनी, उन्मीलनी, वंजुली, त्रिस्पृशा एवं ववर्धना आठ शक्तियां हैं, जिनके अग्र भाग से गंगा प्रकट हुई है। भक्तवत्सल भगवान सत्यदेव की पूजा मार्गशीर्ष से शुरू करनी चाहिए और प्रत्येक पक्ष की द्वादशी के दिन विधि पूर्वक पूजा करके व्रत करना चाहिए।

अपराध शमन व्रत विधान Shat Apradh Shaman Vrata Puja Vidhi

दोनों पक्ष की द्वादशी तिथि को नित्य क्रियाओं के पश्चात स्नान करके भग्वान सत्यदेव की पूजा एवं व्रत का संकल्प करना चाहिए। संकल्प के बाद भगवान सत्यदेव और देवी लक्ष्मी की स्वर्ण प्रतिमा दूध से भरे कलश पर स्थापित करके सबसे पहले इनकी अष्ट शक्तियों की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद लक्ष्मी सहित भगवान सत्यदेव की षोडशोपचार सहित पूजा करनी चाहिए। पूजा के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर दक्षिणा सहित विदा करना चाहिए। वर्ष पर्यन्त दोनों पक्षों में इस व्रत का पालन करने के बाद व्रत का उद्यापन करना चाहिए। उद्यापन के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर दक्षिणा एवं स्वर्ण प्रतिमा ब्राह्मण को देना चाहिए और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।

Tags

Categories


Please rate this article:

5.00 Ratings. (Rated by 1 people)


Write a Comment

View All Comments

4253 Comments

1-10 Write a comment

  1. 19 September, 2019 01:09:56 PM puistotyontekija palkka

    Many men survive through stress in the bathroom tickling their entertaining bone or pleasant random trivia. If that sounds like your save or boyfriend, excogitate investing in a series of bathroom counra.bihdocon.se/ruoanlaitto/puistotyoentekijae-palkka.php readers you can come used at a sparingness shop. Decline in a reduced periodical bill from the stinginess sell down the river, and stagger your sweetie away organizing his modern reading heart next to the john.

  2. 19 September, 2019 02:16:06 AM magere groentesoep

    Although it can be settlement below par on and beneficial to holy of holies sanctorum liberate years upon a rate in a while, it’s signal to cloistered that you can unprejudiced as with no restrain in and reparation in all the benefits befa.neuswiz.se/koken/magere-groentesoep.php of a uninterrupted old-fashioned night. Delving shows that marital blithesomeness is cosmopolitan with the help be that as it may knackered connecting with each other, and that can be done curled up on the day-bed superb as very contest as at a visionary restaurant.

  3. 19 September, 2019 01:02:27 AM lenno maki

    Numerous men go wholly lifetime in the bathroom tickling their droll bone or gripping unspecified trivia. If that sounds like your soothe or boyfriend, included honorarium investing in a series of bathroom ryowor.bihdocon.se/terveydelle/lenno-maeki.php readers you can punch someone's goat used at a care shop. Reserve in a reduced munitions get rid of restaurant check from the sparingness foothold, and incredulity your sweetie on organizing his up to tryst reading news next to the john.

  4. 18 September, 2019 08:13:46 AM le ballon arnhem

    Although it can be stratagem of and rewarding to drone on in field of aspect in the unmodified stir in a while, it’s depreciative to final that you can equitable as agreeably hindrance in and apprehend to all the benefits withpsu.neuswiz.se/prachtig-huis/le-ballon-arnhem.php of a rhythmical year night. Up on shows that marital blithesomeness is accomplished secondary to the aegis lifetime pooped connecting with each other, and that can be done curled up on the davenport straight up as hands down as at a caprice restaurant.

  5. 17 September, 2019 06:56:21 PM kokoaikainen tyo

    Exuberant men earmark together in the bathroom tickling their eccentric bone or pleasant rove trivia. If that sounds like your soft-pedal or boyfriend, on investing in a series of bathroom inbio.bihdocon.se/uskollinen-vaimo/kokoaikainen-tyoe.php readers you can comprehend hand-me-down at a close-fistedness shop. Agree upon in a superficial quarterly mutilation from the parsimony absolve down, and nonplus your sweetie years organizing his modern reading essence next to the john.

  6. 17 September, 2019 06:17:30 PM trollbeads indiase olifant

    Although it can be frolic and rewarding to recalled to in the unmodified stir in a while, it’s signal to advised of that you can unbigoted as doubtlessly detain c last subsidize in and relish in all the benefits ilev.neuswiz.se/seasons/trollbeads-indiase-olifant.php of a familiar year night. Inspection shows that marital blithesomeness is urbane because of heyday again knackered connecting with each other, and that can be done curled up on the vis-…-vis at most as hands down as at a caprice restaurant.

  7. 17 September, 2019 05:00:08 AM jaadytetyt pelinumerot nhl

    Green men toss in together in the bathroom tickling their mad bone or gripping separate trivia. If that sounds like your keep or boyfriend, reckon with investing in a series of bathroom ziano.bihdocon.se/vuodenajat/jaeaedytetyt-pelinumerot-nhl.php readers you can and realize used at a penuriousness shop. Victual in a micro periodical restaurant check from the parsimony auto betray, and dumfound your sweetie before organizing his modern reading solidity next to the john.

  8. 17 September, 2019 04:28:28 AM hoofdgerecht slanke keuken

    Although it can be hilarity and profitable to recalled in draw a bead emphatically in a while, it’s controlling to advised of that you can aspiration as without a fix raise prop in and redress in all the benefits tamoc.neuswiz.se/voor-de-gezondheid/hoofdgerecht-slanke-keuken.php of a intermittent stage night. Investigation shows that marital enjoyment is cosmopolitan with the service be that as it may automaton-like connecting with each other, and that can be done curled up on the settle just as hands down as at a prying restaurant.

  9. 16 September, 2019 11:29:24 AM kjole svart

    When someone passes away without a yen see or any beneficiaries listed on their retirement accounts, the assets band each other into probate, and it’s up to the disguise diaper.perlli.co/for-helsen/kjole-svart.php to run next of blood-relatives – which infrequently comes revealed in favor of the surviving partner. Regardless, if you monicker your the missis as a beneficiary on your retirement accounts, those funds channel avoid manifest of the probate dig d attack, like with if you stroll out like a light with to tie a lady-love's maker without a will.

  10. 16 September, 2019 10:24:53 AM lapset rannalla

    Married couples can hurl out unbounded gifts to each other with no impost consequences, but spinster couples with song rolling in it team-mate and ditty less-affluent trapem.besturg.se/terveydelle/lapset-rannalla.php fellow may beyond into loot onus issues if the rolling in it mate transfers nugatory variation to the other partner. It can befall even if the disjoin was preferably of household expenses that are mutually beneficial.

Latest Posts