Kaal Ashtami vrat,Katha Mahatmya (कालाष्टमी या भैरवाष्टमी कथा एवं महात्मय)

मार्गशीर्ष कृष्ष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को भगवान भोले नाथ भैरव रूप में प्रकट हुए थे. कालाष्टमी का व्रत इसी उपलक्ष्य में इस तिथि को किया जाता है. आदि देव महादेव ने यह रूप किस कारण से धारण किया इस सम्बन्ध में एक पारणिक कथा है। आइये यह क्था सुनें।

भैरवाष्टमी कथा (Bhairav Ashtmi Katha)

कथा के अनुसार एक बार श्री हरि विष्णु और ब्रह्मा जी में इस बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया कि उनमें श्रेष्ठ कन है. विवाद इस हद तक बढ़ गया कि शिव शंकर की अध्यक्षता में एक सभा बुलायी गयी. इस सभा में ऋषि-मुनि, सिद्ध संत, उपस्थित हुए. सभा का निर्णय श्री विष्णु ने तो स्वीकार कर लिया परंतु ब्रह्मा जी निर्णय से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने महादेव का अपमान कर दिया.

यह तो सर्वविदित है कि भोले नाथ जब शांत रहते हैं तो उस गहरी नदी की तरह प्रतीत होते हैं जिसकी धारा तीव्र होती है परंतु देखने में उसका जल ठहरा हुआ नज़र आता है और जब क्रोधित होते हैं तो प्रलयकाल में गरजती और उफनती नदी के सामन दिखाई देते हैं. ब्रह्मा जी द्वारा अपमान किये जाने पर महादेव प्रलय के रूप में नज़र आने लगे और उनका रद्र रूप देखकर तीनो लोक भयभीत होने लगा. भगवान आशुतोष के इसी रद्र रूप से भगवान भैरव प्रकट हुए . भगवान भैरव (God Bhairav) कुत्ते पर सवार थे और इनके हाथ में दंड था. हाथ में दण्ड होने से ये दण्डाधिपति भी कहे जाते हैं. इनका रूप अत्यंत भयंकर था. भैरव जी के इस रूप को देखकर ब्रह्मा जी को अपनी ग़लती का एहसास हुआ और वे भगवान भोले नाथ एवं भैरव की वंदना करने लगे. भगवान वैरव ब्रह्मा जी एवं अन्य देव और साधुओं द्वारा वंदना करने पर शांत हुए इस तरह भैरव बाबा का जन्म हुआ।

भैरवाष्टमी व्रत पूजा विधि (Bhairavastmi Vrat Pooja Vidhi)

शिव के इस भैरव रूप की उपासना करने वाले भक्तों के सभी प्रकार के पाप, ताप एवं कष्ट दूर हो जाते हैं. इनकी भक्ति मनोवांछित फल देने वाली कही गयी है. भैरव जी की उपासना करने वाले को भैरवाष्टमी के दिन व्रत रख कर प्रत्येक प्रहर में भैरव नाथ (BHairo Nath) जी की षोड्षोपचार सहित पूजा करनी चाहिए व उन्हें आर्घ्य देना चाहिए. रात के समय जागरण करके माता पार्वती और भोले शंकर की कथा एवं भजन कीर्तन करना चाहिए व भैरव जी (Bhairo Nath) उत्पत्ति की कथा कहनी व सुननी चाहिए. रात का आधा पहर यानी मध्य रात्रि होने पर शंख, नगाड़ा, घंटा आदि बजाकर भैरव जी की आरती करनी चाहिए.

भगवान भैरव नाथ (Bhairo Nath) का वाहन कुत्ता है. भैरव जी की प्रसन्नता के लिए इस दिन कुत्ते को उत्तम भोजन दें. मान्यता के अनुसार इस दिन प्रात: काल पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करके पितरों का श्राद्ध व तर्पण करें फिर भैरव जी की पूजा व व्रत करें तो विघ्न बाधाएं समाप्त हो जाती हैं व आयु में वृद्धि होती है. भैरव जी के विषय में यह भी कहा गया है कि इनकी पूजा व भक्ति करने वाले से भूत, पिशाच एवं काल भी दूर दूर रहते हैं. इन्हें रोग दोष स्पर्श नहीं करते हैं. शुद्ध मन एवं आचरण से ये जो भी कार्य करते हैं उनमें इन्हें सफलता मिलती है.

काल भैरव (Kal Bhairav) के साथ ही इस दिन देवी कालिका (Devi Kali Pooja Vrat) की उपासना एवं व्रत का विधान भी है. इस रात देवी काली की उपासना करने वालों को अर्ध रात्रि के बाद मां की उसी प्रकार से पूजा करनी चाहिए जिस प्रकार दुर्गा पूजा में सप्तमी तिथि को देवी कालरात्रि (Devi Kalratri) की पूजा का विधान है. 

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14 Comments

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  1. 20 November, 2016 02:53:04 PM Balaji

    Mantra 3 Read Om hreem bhatukaya apodharanaya kuru kuru bhatukaya hreem

  2. 20 November, 2016 02:50:18 PM Balaji

    Read kalbhairav

  3. 20 November, 2016 02:48:07 PM Balaji

    I m giving Lord Kalbhairavayah Mantra please chant it also every month Krishna paksha ashtami take darshan of lord kalbhaira and also feed black dog its escort of lord kal bhairavanath ji Mantra 1 Om kalbhairavayah namah Mantra 2 If one is having lot of pain n agony (Teevra peedit agar koi hai) Om bhaya haram cha bhairavam Mantra 3 Special mantra Om hreem bhavukata apodharanaya kuru kuru bhatukata hreem

  4. 16 October, 2016 05:46:05 PM Sharmistha Roy

    Generally goddess KALI iz worshipped on Tuesday and Saturday... Important is mata need red hibiscus flowers for her pooja ...kali pooja is basically done at night , but you need to see the pooja timing. If thiz pooja is done with true feeling you will be free from negative energy. In bengalKali pooja is celebrated on the day of Diwali... pooja hours are basically midnight..

  5. 04 July, 2016 05:20:55 PM Nilesh Bhatt

    भैरव दादा का व्रत किसप्रकारक करना यह पड़कर काफी ज्ञान मिला और में इस प्रकार का व्रत करना चाहूँगा और लोगो को भी बतावूंगा ।

  6. 17 July, 2015 02:19:38 AM harshal

    its to good and useful for all. plz send more info abt mahakali vrat..

  7. 06 December, 2014 07:06:48 AM Harish

    OM VAIRBYAI NAMAH OM TRISULAYAI NAMAH

  8. 17 November, 2014 07:46:44 AM DNYANESWAR DHINDALE DHA

    VERY NICE IAIRAV NFORMATION GOD KALBH

  9. 10 July, 2014 01:02:58 PM harjeet kaur

    harjeet kaur 08/03/80, 6pm shaam karnal haryana ka janam h pls muje help kijiye mai bahut preshaan hu

  10. 24 November, 2013 02:40:16 PM Adarsh Manori

    Yes there is a vart day of goddess kali... on the following days.... 1. Navratri's seventh day 2. Durgaashtmi Vidhi... take a bath early in the morning nd prepare an aasan place red colured cloth nd make kaali ji to take a bath from panchamrit thn plce her idol in tht aasan nd offer red flower garland to her. Place a shri phal (nariyal) on a loota nd lit one unbreakable diya the wholeday ... tk fast.... at midnight before the ending of thr current puja day unfast by doimg maahakali aarti, chalisa nd if possible maha kali amritwani. ... fo the chanting of the mantra~~~om krim kali deviy namah or om aim hrim kilm chamumday vichay.. try to read durga saptshati nd pledge in front of kali tht I will never do wrong things nd never try to help those who r having devils behaviour. .....ok

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