जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी । बोलो जय अम्बे गौरी ॥ माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को उज्ज्वल से द[...]

Read More »

आरती श्री रामायणजी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद । बालमीक बिग्यान बिसारद ॥ सुक सनकादि सेष और सारद । बरन पवन्सुत कीरति नीकी ॥

Read More »

ॐ जय शिव औंकारा, स्वामी हर शिव औंकारा । ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्धांगी धारा ॥ जय शिव औंकारा ॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे स्वामी पंचानन राजे । हंसासन गरुड़ासन वृष वाहन साजे[...]

Read More »

आरती कुँज बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में वैजन्ती माला, बजावे मुरली मधुर बाला, श्रवण में कुण्डल झलकाला, नन्द के नन्द, श्री आनन्द कन्द, मोहन ब„⣞ज चन्द[...]

Read More »

आरति कीजै हनुमान लला की . दुष्ट दलन रघुनाथ कला की .. जाके बल से गिरिवर काँपे रोग दोष जाके निकट न झाँके .अंजनि पुत्र महा बलदायी संतन के प्रभु सदा सहायी ..आरति कीजै हनुमान [...]

Read More »

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे ||  जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का स्वामी दुख बिनसे मन का सुख सम्पति घर[...]

Read More »

ॐ जय लक्ष्मी माता,  मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही हो जग-माता । सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॐ [...]

Read More »

आसमाई के विषय में मान्यता है कि इनकी प्रसन्नता से जीवन की हर आशा पूरी होती है और अगर ये अप्रसन्न हो जाएं तो जीवन की सभी खुशियां व सुख नष्ट हो जाते हैं। इनकी प्रसन्नता के [...]

Read More »

भगवान सत्यनारायण विष्णु के ही रूप हैं (God Satyanarayan is an incarnation of God Vishnu)। कथा के अनुसार इन्द्र का दर्प भंग करने के लिए विष्णु जी ने नर और नारायण के रूप मे[...]

Read More »

पद्मिनी एकादशी (Padmini Ekadasi)  भगवान को अति प्रिय है । इस व्रत का विधि पूर्वक पालन करने वाला विष्णु लोक को जाता है । इस व्रत के पालन से व्यक्ति सभी प्रकार के यज्ञों, व[...]

Read More »

Latest Posts