शत अपराध शमन व्रत (Shat Apradh Shaman Vrata)

by ACHARYA SHASHIKANT on January 02, 09 . 14 COMMENTS

हम मनुष्य कर्मों से बंधे हुए हैं। अपने कर्म के अनुसार हमें उसका फल भी भोगना होता है। अच्छे कर्म का अच्छा फल मिलता है और अपराध के लिए दंड भी मिलता है। हमसे जाने अनजाने अपराध भी हो जाता। ईश्वर अपनी संतान का अपराध क्षमा करने देता है जब उसकी सं[...]

Read More »

प्रदोष व्रत का महत्व (Pradosha vrata and Vidhi)

by ACHARYA SHASHIKANT on December 27, 08 . 181 COMMENTS

प्रदोष व्रत (Pradosha vrata) कलियुग में अति मंगलकारी और शिव कृपा प्रदान करने वाला है। स्त्री अथवा पुरूष जो भी अपना कल्याण चाहते हों यह व्रत रख सकते हैं। प्रदोष व्रत (Pradosha vrata) को करने से हर प्रकार का दोष मिट जाता है। सप्ताह के सातों [...]

Read More »

पाण्डु पुत्र युधिष्ठिर ने जब श्री कृष्ण से पूछा कि भगवन् वैसाख कृष्ण पक्ष की एकादशी को क्या कहते हैं और इस व्रत का क्या विधान एवं महत्व है तब श्री कृष्ण ने पाण्डु पुत्र सहित मानव कल्याण के लिए इस व्रत का वर्णन किया। श्री कृष्ण ने कहा है वैस[...]

Read More »

द्वापर में जब श्री कृष्ण का जन्म हुआ तब उन्होंने मनुष्य को पाप कर्म के प्रभाव से मुक्ति दिलाने के लिए और उत्तम गति प्राप्त करने के लिए कई व्रत और विधि विधान को निर्माण किया. वे व्रत और विधियां कलियुग के इस समय में मुनुष्य के लिए अति कल्याणक[...]

Read More »

अध्यात्मिक साधना के लिए जो लोग इच्छुक होते हैं वे लोग इन दिनों साधना रत रहते है.ग्रहों से पीड़ित व्यक्ति इन दस दिनों में ग्रह शांति भी कर सकते हैं यह इसके लिए उत्तम समय ह[...]

Read More »

शनि पक्षरहित होकर अगर पाप कर्म की सजा देते हैं तो उत्तम कर्म करने वाले मनुष्य को हर प्रकार की सुख सुविधा एवं वैभव भी प्रदान करते हैं। शनि देव की जो भक्ति पूर्वक व्रतोपासन[...]

Read More »

कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi) जिसे फलदा एकादशी (Falda Ekadashi) भी कहते हैं, श्री विष्णु का उत्तम व्रत कहा गया है। इस व्रत के पुण्य से जीवात्मा को पाप से मुक्ति मिलती है[...]

Read More »

पुराणों में लिखा है कि देव माता अदिति ने विष्णु जी की तपस्या की। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें वरदान दिया कि वे अदिति के पुत्र के रूप में जन्म लेकर देवताओं को रा[...]

Read More »

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता । अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता । मैया जय सन्तोषी माता । सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हो, मैया माँ धारण कींहो हीरा पन्ना दमके तन[...]

Read More »

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥ एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी । पान चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा लड्डुअन का भोग [...]

Read More »

Latest Posts